ऐसी कौनसी चीज है जो होते हुए भी कोई काम की नहीं

0
188

महान व प्रकांड विद्वान आचार्य चाणक्य राजनीति, कूटनीति व अर्थशास्त्र के बहुत बड़े ज्ञानी थे, जिन्होंने ज्ञान और नीतियों के प्रयोग से, सामान्य बालक चंद्रगुप्त को अखंड भारत का सम्राट बना दिया था। चाणक्य ने अपने नीति-शास्त्र में ऐसी नीतियों की रचना की है, जिनका अनुसरण करने पर व्यक्ति अपनी कई समस्याओं से निजात पा सकता है। उन्होंने जीवन में काम आने वाली ऐसी 4 वस्तुओं व गुणों के बारे में चर्चा की है, जिन का सदुपयोग ना होने पर वह व्यर्थ हो जाती है, उनका कोई भी मोल नहीं रह जाता है।

ऐसी सुंदरता व्यर्थ होती है

आचार्य चाणक्य का कथन है कि ऐसा व्यक्ति जो सूरत से दिखने में बहुत खूबसूरत वह सुंदर हो, किंतु उसमें ज्ञान, अच्छे संस्कार, अच्छा स्वभाव व अच्छे गुण ना हो, तो ऐसा व्यक्ति देश व समाज में कहीं पर भी सम्मान के योग्य नहीं होता है। इन सद्गुणों के अभाव में, किसी भी व्यक्ति का सारा सौंदर्य व्यर्थ होता है, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, परंतु जो व्यक्ति खूबसूरत ना हो, उसमें बहुत सौदर्य ना हो, किंतु वह ज्ञानी हो, विद्वान हो, संस्कारवान हो और अच्छे स्वभाव वाला हो, तो ऐसा व्यक्ति देश और समाज में हर स्थान पर सम्मान का पात्र होता है।

व्यर्थ है ऐसी शिक्षा का होना

आचार्य कहते हैं कि किसी व्यक्ति की ऐसी शिक्षा या विद्या बेकार है, यदि वह व्यक्ति किसी कार्य में कुशल या प्रवीण ना हो। जिस शिक्षा का कोई स दु पयोग ना हो सके, वह शिक्षा व्यर्थ होती है, किंतु वह शिक्षा श्रेष्ठ होती है, जिसका कोई सदुपयोग किया जा सके, और व्यक्ति को वही शिक्षा और विद्या प्राप्त करनी चाहिए, जिस कार्य में वह निपुण और कुशल हो।

ऐसे धन का होना व्यर्थ है

इस सूत्र में आचार्य कहते हैं कि ऐसा धन संचय करना बेकार है, जिस धन का कोई सदुपयोग व अच्छा कार्य में प्रयोग ना किया जा सके। जो धन देश, समाज, परिवार व स्वयं की भलाई के लिए खर्च ना किया जाए, वह बेकार होता है। धन का संचय तभी श्रेष्ठ है, जब उसका उपयोग समाज व परिवार के लिए किया जाए, अन्यथा ऐसा रखा हुआ या संचित किया हुआ धन बेकार हो जाता है, उसका कोई मोल नहीं रह जाता है।

इस कारण होता है उच्च कुल का विनाश

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति चरित्रहीन है, तो उसके कारण, उसके पूरे कुल का नाम बदनाम हो जाता है, चाहे वह व्यक्ति कितने ही उच्च और श्रेष्ठ कुल का क्यों ना हो? एक व्यक्ति की चरित्रहीनता के कारण, लोग उस कुल के, अन्य पूर्वजों द्वारा किए गए, सारे भलाई के कार्यों को भूलकर, वर्तमान में गलत व नीच कार्यों को करने वाले व्यक्ति के कारण, पूरे कुल के नाम को खराब कर देते हैं, इसलिए एक व्यक्ति का खराब चरित्र, किसी उच्च कुल के पतन का कारण बनता है।


motivational thoughts of chanakya,chanakya niti for students in hindi,acharya chanakya niti,motivational lines of chanakya,inspirational thoughts of chanakya,chanakya neeti hindi video,chanakya niti about women,chanakya niti business,chanakya neeti for successful life,best thoughts of chanakya,chankya neeti corporate word,acharya chanakya neeti in hindi,free hindi advice

कमेंट करें

अपनी कमेंट यहाँ लिखे
यहा आपका नाम लिखे