इन 5 पर जीवन में भूलकर भी भरोसा ना करें

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मनुष्यों के साथ ही हम प्रकृति की अन्य वस्तुओं और जीवों पर भी भरोसा करते हैं। भरोसे और विश्वास के आधार पर ही हमारा जीवन गतिमान रहता है। हमारे साथ या आस-पास रहने वाले सभी लोगों के साथ हमारा विश्वास का संबंध होता है, किंतु अपने नीतिशास्त्र में आचार्य चाणक्य कहते हैं, कि ऐसे भी कुछ संबंध और जीव-जंतु होते हैं, जिन पर हमें कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। इन पर भरोसा करना, हमारे लिए हानिकारक व कष्टदायक हो सकता है।

आचार्य चाणक्य के कथनानुसार

नदीनां शस्त्रपाणीनां नखीनां श्रंगीणां तथा।
विश्वासो नैव कर्त्तव्यः स्त्रीषु राजकुलेषु च।।

इस श्लोक का तात्पर्य है कि हमें इन पांचों पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए।

किसी नदी पर

इस श्लोक में आचार्य चाणक्य का कहना है कि किसी नदी का बहाव कब तेज हो जाए? कब उसकी गति बदल जाए या कब उसकी प्रवाह की दिशा में परिवर्तन हो जाए? इसके संबंध में कोई भी पूर्वानुमान नहीं लगा सकता, इसलिए नदियों पर भरोसा करने से, हमारे प्राणों का संकट हो सकता है। किसी नदी पर, जिसका पुल पुराना हो चुका हो, जीर्णावस्था में हो या पुल कच्चे और कमजोर हों, ऐसी स्थानों पर भी नदियों पर विश्वास करना, हमारे लिए घातक हो सकता है, इसलिए उक्त कई कारणों से हमें नदियों पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए।

किसी शस्त्रधारी व्यक्ति पर

आचार्य चाणक्य का कथन है कि ऐसे व्यक्तियों पर भरोसा करना, हमारे लिए संकट का कारण हो सकता है, जो हथियारबंद हो क्योंकि, कोई व्यक्ति जो आपके साथ रहता हो, यदि वह शस्त्रधारी है, तो किसी बात पर आवेश में आने पर या किसी वाद-विवाद में या नशे की हालत में हो सकता है कि वह व्यक्ति उस हथियार का प्रयोग कर दे, और यह आपके लिए जानलेवा हो सकता है, इसलिए ऐसे शस्त्रधारी व्यक्ति से दूर रहना ही उचित होता है

किसी सींग व नखधारी जीव पर

यहां आचार्य कहते हैं कि हमें किसी भी ऐसे जीवों का भरोसा कदापि नहीं करना चाहिए, जो नखधारी हो और जिसके सींग नुकीले हों, अर्थात यदि नाखूनों और नुकीले सींग वाले जीव पर आप भरोसा करते हैं, तो ऐसा जीव आक्रमक होने पर या उत्तेजित होने पर, आपके ऊपर हमला करके आपके प्राणों को संकट में डाल सकता है, इसलिए ऐसे जीवों पर विश्वास ना करके, इनसे सुरक्षित रुप से दूर रहना ही ज्यादा उचित होता है।

चंचल स्वभाव स्त्री पर

आचार्य चाणक्य के अनुसार, जिन स्त्रियों के स्वभाव में चपलता या चंचलता होती है, ऐसी स्त्रियों पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसी स्त्रियां अपने अस्थिर व चपल स्वभाव की वजह से, आपके लिए कई समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसी स्त्रियां अपने अस्थिर स्वभाव व बुद्धि की वजह से कब कहां क्या बोल दें? किसके साथ क्या व्यवहार करे दें? इसका कोई अनुमान नहीं होता है, इसलिए ऐसे चंचल स्वभाव की स्त्रियों से दूर रहना ही उचित होता है।

किसी राजकुल के व्यक्ति पर

इस अंतिम सूत्र में आचार्य चाणक्य ने बताया है कि हमें ऐसे लोगों पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए, जिनका संबंध किसी राजतंत्र, सत्ता व शासन या किसी राजकुल से हो, क्योंकि किसी राजकुल या शासन-प्रशासन से संबंधित व्यक्ति, अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए या अपने कार्यों को करवाने के लिए आप का गलत प्रयोग भी कर सकते हैं, और आपके साथ विश्वासघात भी कर सकते हैं, ऐसा व्यक्ति नाराज होने पर आप को दंड भी दे सकता है, इसलिए अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए, इस प्रकार के लोगों पर कभी भी पूर्ण भरोसा नहीं करना चाहिए।


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