कुटकी के फायदे | Benefits of Kutki in Hindi

0
7884

जिन लोगों को बार बार बुखार आता है या वह किसी प्रकार की त्वचा के संक्रमण से जूझ रहे हैं उनके लिए कुटकी एक बेहतरीन औषधि के रूप में काम करता है। इसको आयुर्वेद में मधुमेह के इलाज के लिए भी जाना जाता है। ज्यादातर यह काफी ऊंचाई वाले स्थानों पर पाई जाती है जैसे कि इसका प्रमुख स्त्रोत हिमालय की वादियां है, जहां यह छोटे आकार में पाई जाती है। इसके नीले और सफेद रंग के फूल होते हैं और पत्तियां कुछ 15 सेंटीमीटर तक लंबी होती है। इसकी जड़ें ज्यादातर 15 से 25 सेंटीमीटर की पाई जाती हैं और इसका फल लगभग 1 सेंटीमीटर का ही होता है। हालांकि कुटकी का स्वाद कड़वा होता है पर यह कफ और पित्त के संतुलन में बहुत गुणकारी मानी गई है।

शुगर रोगियों के लिए फायदेमंद

कुटकी अपने स्वभाव के कारण पाचन तंत्र में उत्तेजना पैदा करती है जिससे इंसुलिन का स्त्राव बेहतर ढंग से होता है। इस तरह यह ग्लाइकोजन के रूप में खून में शुगर के संचय को रोक कर लीवर को फायदा पहुंचाती है। इस वजह से यह मधुमेह को नियंत्रित करने में बहुत लाभदायक सिद्ध होती है। शुगर के रोगियों के लिए डॉक्टर भी इसकी सलाह देते हैं।

कब्ज दूर करें

जिन लोगों को कब्ज और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हैं, वह कुटकी को शहद के साथ मिलाकर दिन में 6-7 ले सकते हैं। इस तरह आप को कब्ज से छुटकारा दिलाएगी, साथ ही जिनको अपच की समस्याएं हैं यह उनके लिए भी मददगार साबित होती है क्योंकि यह आंतरिक रूप गैस्ट्रिक स्कोर बढ़ावा देती है, जिससे आपको अच्छी भूख लगती है। आपके पाचन तंत्र को मजबूत करके यह अपच से निजात दिलाने में रामबाण इलाज है।

गठिया के दर्द को दूर करें

कुटकी को 480 मिलीग्राम से 970 मिलीग्राम शहद के साथ मिलाकर नियमित रूप से सेवन करने से आपको गठिया में सहायता मिलती है। इससे इस रोग से जूझ रहे लोग बुखार से भी निजात पाते हैं और यह आपको दर्द से भी छुटकारा दिलाने में सक्षम है।

रक्त विकारों से निजात पाएं

अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण कुटकी को मुलेठी के साथ लेने से रक्त विकार, बुखार और ह्रदय रोग जैसी परेशानियां दूर की जा सकती है। इसके लिए आपको 10 ग्राम मुलेठी पाउडर लेना है और उसमें समान मात्रा में कुटकी पाउडर मिलाएं। इसी मिश्रण को लगभग 500 मिलीग्राम या 1 ग्राम पानी के साथ मिला कर गर्म करें। दिन में एक या दो बार लेने से यह आपको हृदय संबंधी विकारों में फायदा करती है और आपकी रक्त को साफ करने में सहायक सिद्ध होती है।

लीवर के लिए फायदेमंद

जिन लोगों को लीवर सिरोसिस की शिकायत है उनके लिए कुटकी एक बेहतरीन औषधि है। आप इसके पाउडर को शहद के साथ मिलाकर अगर दिन में तीन-चार बार सेवन करते हैं तो यह लीवर सिरोसिस को जड़ से खत्म करने में सक्षम मानी जाती है।

वजन कम करने में सहायक

कुटकी एक जड़ी बूटी के रूप में वजन घटाने के लिए एक हर्बल सामग्री के रूप में प्रयोग में लाई जाती है। कुटकी के प्रयोग से पाचन तंत्र बेहतर बनता है और गैस्ट्रिक स्त्राव ठीक रहता है। इसके साथ ही यह स्वस्थ उन्मूलन और चयापचय को बेहतर करने मैं कारगर मानी गई है। इस कारणवश ज्यादातर वेट लॉस प्रोग्राम में इसका उपयोग किया जाता है।

पीलिया के रोगियों के लिए लाभदायक

यदि कुटकी को पीसकर पानी में मिलाकर सेवन किया जाए तो यह पीलिया के इलाज में सक्षम मानी गई है। जो लोग पीलिया से ग्रसित हैं, उनके लिए इसको धनिया पाउडर और गुड़ के साथ मिश्रण बनाकर लड्डू के रूप में सेवन करना चाहिए। अगर आप दिन में दो बार इसे 3-4 दिन तक खाते रहेंगे तो पीलिया दूर करने में सफल होंगे। अपने इन्हीं गुणों के कारण कुटकी लगभग सारी प्रमुख आयुर्वेदिक दवाओं में प्रयोग में लाई जाती है और पीलिया के निवारण में अहम भूमिका निभाती है।

एक्जिमा में लाभदायक

कुटकी और चिरायता के मिश्रण को हल्का सा गर्म करके आप एग्जिमा को दूर कर सकते हैं। थोड़ी थोड़ी मात्रा में कुटकी और चिरायता को कांच के बर्तन में रखें और उसमें थोड़ा सा पानी मिला दे। रात भर रखा रहने दें और सुबह उठकर उस पानी को छानकर पी लें। यह एग्जिमा को साफ करता है और आपके रक्त को भी स्वच्छ करने में मदद करता है। लगभग 3 ग्राम कुटकी के पाउडर को नियमित रूप से दिन में दो बार लें इससे आपकी त्वचा के सारे संक्रमण ठीक हो सकते हैं और आप छालरोग में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पाएँगे।


kutki ke fayde,kutki ke fayde in hindi,kutki benefits,kutki benefits in hindi,kutki khane ke fayde,kutki health benefits,kutki herb benefits in hindi,kutki churna benefits,health tips in hindi video,free hindi advice

कमेंट करें

अपनी कमेंट यहाँ लिखे
यहा आपका नाम लिखे