ये 8 व्यक्तियों को दान देने से नरक में जाना पड़ेगा

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हमारे प्राचीन ऋषियों ने और उनके द्वारा लिखित शास्त्रों ने, उन लोगों के बारे में स्पष्ट निर्देश दिया है, जिन्हें दान देना हानिकारक हो सकता है। ऐसे लोग दान देने के अपात्र होते हैं, इनको दान देने से दान का महत्व व्यर्थ हो जाता है, और दान देने वाला भी पाप का भागी बनता है।

चोर को ना दें दान

चोर को दान देने से वह दान देने वाले व्यक्ति के, आर्थिक स्थिति का पता लगाकर, भविष्य में उसके घर में ही चोरी करके, उसे क्षति पहुंचा सकता है, साथ ही चोर को दिया गया दान, किसी भी भलाई के कार्य में प्रयोग नहीं होता है, इसलिए शास्त्रों में चोर को दिए गए ध्यान के व्यर्थ होने की बात कही गई है, साथ ही यह हमारे संकट का कारण भी हो सकता है।

मूर्ख व्यक्ति को दान देना हानिकारक होता है

मूर्ख को दान ना देना ही समझदारी है, क्योंकि उसकी मूर्खता की वजह से, उसको दिए गए दान का लाभ, कोई अन्य चालाक मनुष्य उठाता है, और उसका गलत कार्यों में उपयोग करता है, क्योंकि मूर्ख व्यक्ति को दान की वस्तु या धन की उपयोगिता का और उसके महत्व का ज्ञान नहीं होता, हीरा और पत्थर उसकी नजर में एक समान होते हैं। ऐसा दान किसी की भलाई नहीं करता है, इसलिए मूर्खों को दान देने का कोई लाभ नहीं होता है।

दान के अयोग्य होता है अयोग्य चिकित्सक

आयोग्य चिकित्सक को दिए गए दान से, आप पाप के भागी बन सकते हैं, क्योंकि किसी के इलाज या चिकित्सा के कार्यों के लिए, आपके द्वारा दिया गया दान, चिकित्सक के अयोग्य होने के कारण किसी अन्य की मृत्यु की वजह बन सकता है, इसलिए जो उचित प्रकार से चिकित्सा विज्ञान में पारंगत नहीं है, और उसमें पर्याप्त योग्यता नहीं है, उसे दान देना, पाप करने के समान होता है।

बंदी को दान देना व्यर्थ है

जो व्यक्ति अपने पाप कर्मों के कारण बंदी बनाया गया है या कारागार में है, उसे भी दान देना व्यर्थ होता है, क्योंकि कारागार में बंदी व्यक्ति कारागार के कानूनों के अनुसार, उस वस्तु या धन का उपभोग भी नहीं कर पाता है, और हो सकता है कि बाहर कारागार से बाहर निकलने पर, वह आपके द्वारा दिए गए दान के धन का उपयोग, अपने शत्रुओं से बदला लेने या किसी अन्य पाप कर्म में करे, इसलिए बंदी को दान देना हानिकारक होता है

दान ना दें ज्यादा प्रशंसा करने वाले को

विशेष रूप से प्रशासक व्यक्ति के लिए, ऐसे व्यक्ति को दान देना शास्त्रों में वर्जित किया गया है, जो बेवजह आपकी अत्यधिक प्रशंसा करता हो या आप की चापलूसी करता हो, क्योंकि ऐसे झूठी प्रशंसा करने वाले व्यक्ति, आप से अपने गलत कार्यों व लालच की पूर्ति के लिए, दान प्राप्त कर लाभ उठाने का प्रयास करते हैं, इसलिए इन्हें भी दान देना नुकसानदेह होता है।

दान के लिए अपात्र है दुष्ट व्यक्ति

किसी दुष्ट व्यक्ति को दिया गया दान, हमेशा दूसरों की हानि का कारण बनता है, इसलिए शास्त्रों में कभी भी ऐसे दुष्टों को दान देना वर्जित किया गया है, क्योंकि ऐसे व्यक्तियों का स्वभाव दुष्ट होता है, और वे हमेशा दूसरों को नुकसान पहुंचाने की ताक में रहते हैं, और दूसरों के अहित का कारक बनते हैं, इसलिए ऐसे व्यक्तियों के नीच कर्मों के कारण उनको दिया गया दान, आप को पाप का भागी बना सकता है।

नुकसानदेह होता है जुआरी को दिया दान

जुआरी व्यक्ति को दिया गया दान, कभी भी किसी के कल्याण में ना खर्च होकर, केवल जुएं में ही बर्बाद हो जाता है। जुआरी व्यक्ति दान से मिले धन या वस्तु का दुरुपयोग, अवश्य जुआ खेलने में ही करेगा और उसके पाप कर्मों का प्रभाव, आप जैसे दान देने वाले व्यक्ति पर होगा, इसलिए जुआरी को भी दिया गया दान व्यर्थ, नुकसानदेह और पाप का कारण होता है।

चापलूस या चाटुकार को ना दें दान

जो व्यक्ति सदैव आप की चाटुकारिता करता हो, चापलूसी करता हो, झूठी प्रशंसा करता हो और अनुचित कार्यों में भी, आपकी कोई आलोचना ना करता हो, बल्कि आपकी झूठी तारीफ करता हो और स्वयं के फायदा वाले कार्यों में, आप की झूठी प्रशंसा करता हो, ऐसे व्यक्तियों को दिये गया दान से समाज का अहित होता है। ऐसे लोग अपने छल, कपट और लालच की वजह से, धन प्राप्त करने के फेर में रहते हैं, और ऐसे लोगों को दिया गया दान, विशेष रुप से किसी प्रशासक के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।


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